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Stage analysis: ट्रेंड के चार stage

Stage analysis किसी स्टॉक के मध्यम अवधि के ट्रेंड को चार में से एक stage में रखता है, एक ही लाइन से: 150-दिन (लगभग 30-हफ्ते) की moving average और उसकी दिशा।

चार stage

Stage 1, basing: गिरावट के बाद भाव साइडवेज़ चलता है और average सपाट हो जाती है। Stage 2, advancing: भाव चढ़ती average के ऊपर है। Stage 3, topping: तेज़ी रुक जाती है, भाव ऊपर के पास घूमता है और average सपाट होती है। Stage 4, declining: भाव गिरती average के नीचे है।

यह विचार Stan Weinstein की 1988 की ट्रेंड-फॉलोइंग वाली किताब से आया। यह इसलिए लोकप्रिय हुआ कि एक ही लाइन, हर बार एक ही तरह पढ़कर, ट्रेंड की सेहत की साफ तस्वीर देती है।

हम इसे कैसे तय करते हैं

हर शाम हम Nifty 500 के हर स्टॉक की 150-दिन की average और पिछले चार हफ्तों में उसका बदलाव निकालते हैं। साफ चढ़ती average और उसके ऊपर भाव Stage 2 है; साफ गिरती average और उसके नीचे भाव Stage 4। average सपाट हो तो 52-हफ्ते की रेंज के ऊपरी आधे में स्टॉक Stage 3 और निचले आधे में Stage 1 कहलाता है। हम यह भी दिखाते हैं कि स्टॉक कितने समय से इस stage में है, एक-दो दिन की झलक को छोड़कर।

भाव पहले split और bonus के लिए adjust किए जाते हैं, वरना bonus issue गिरावट जैसा दिखता।

Stage क्या नहीं बताता

Stage अब तक के ट्रेंड का वर्णन है। यह नहीं बताता कि ट्रेंड कितना चलेगा, और Stage 2 खरीदने का संकेत नहीं है। स्टॉक stage बदलते रहते हैं, कभी जल्दी भी, और आज सेहतमंद दिखता stage अगले महीने बदल सकता है।

Stage सबसे ज़्यादा काम का तब है जब इसे relative strength जैसी दूसरी चीज़ों के साथ एक input की तरह देखें, और बेहतर सवाल पूछें: 'क्या यह सस्ता है?' नहीं, बल्कि 'यह स्टॉक अपने चक्र में कहां है?'

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